10 जून, 2009

जबलपुर शहर में शुरू हुई स्पॉट बिलिंग...एल एन उपाध्याय


  • जबलपुर शहर में शुरू हुई स्पॉट बिलिंग

    पहले मीटर की रीडिंग लेने उपभोक्ता के घर जाना, फिर बिल घर पहुंचाने की जिम्मेदारी, इस दोहरी व्यवस्था में होने वाली समय की बर्बादी को देखते हुए पूर्व क्षेत्र कंपनी ने अब स्पॉट बिलिंग की नई व्यवस्था शहर में लागू की है। इसके अंतर्गत एक डिवीजन में बतौर प्रयोग इसे अमल में लाया गया है।

    बिजली उपभोक्ताओं को मैन्यूअल काम के दौरान आने वाली शिकायतों को दूर करने के लिए सिटी सर्किल की साउथ डिवीजन में स्पॉट बिलिंग का काम प्रयोग बतौर शुरू किया गया है और अगर यह कार्य सफल सिद्ध होता है, तो इसे सभी जगह लागू किया जाएगा। फिलहाल इस काम के लिए बेंगलुरू की एक निजी कंपनी को ठेका दिया गया है, जिसके कर्मचारी उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर स्पॉट बिलिंग कर रहे हैं। साउथ डिवीजन के लगभग पांच हजार उपभोक्ताओं के नए बिल बंटना शुरू हो गए हैं।

    हैंडी कंप्यूटर निकालेगा बिल

    इस सुविधा के तहत घर पहुंचने वाले कर्मचारी के हाथ में एक हैंडी कंप्यूटर होगा, जिसमें उपभोक्ता के बिल संबंधी पूरी जानकारी फीड होगी। सिर्फ नई १रीडिंग भरकर एक बटन दबाते ही नया बिल मौके पर ही जारी हो जाएगा। नए सिस्टम के तहत कर्मचारी पुरानी रीडिंग से छे़ड़छा़ड़ नहीं कर पाएगा, इससे मीटर में दर्शाई गई रीडिंग भरने के बाद ही नया बिल जारी होगा।

    बदला बिल का साइज

    अब तक घर पहुंचने वाले एक पेज के बिल साइज को भी अब बदल दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब बिल मीटर स्लिप के रूप में होगा, जिसमें संपूर्ण जानकारी दी गई है।

    शहर में स्पॉट बिलिंग का काम साउथ डिवीजन में शुरू किया गया है, सब कुछ ठीक रहा तो इसे सभी जगह लागू किया जाएगा।


    एल एन उपाध्याय
    एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी
    jabalpur

07 जून, 2009

एक सुझाव बिजली से हटकर ..सड़क रेल यातायात को लेकर


रेल मंत्रालय को एक सुझाव
"बिल्ड आपरेट एण्ड टैक्स "(B.O.T.) पद्धति पर रोड रेल क्रासिंगों पर ओवर ब्रिज बनाये जावें
आज देश भर में ढ़ेरो लेवल क्रासिंग है , जहां रेलवे फाटक बंद होने से सड़क यातायात प्रभावित होता है . मेरा सुझाव है कि यदि इन लेवल क्रासिंगों पर "बिल्ड आपरेट एण्ड टैक्स "(B.O.T.) पद्धति से निजि निवेश से ओवर ब्रिज बनाये जावें तो सरकार का कोई व्यय नहीं होगा , उल्टे सुरक्षा निधि जमा करवाने से आय ही होगी . निजि निवेशक टर्न की आधार पर ओवर ब्रिजों का निर्माण करेंगे व टोल टैक्स के रूप में ापनी पूंजी व मुनाफा उन वानों से वसूल कर सकेंगे जो इन ओवर ब्रिज का उपयोग ापनी सुविधा हेतु करेगे .मंदी के इस दौर में इस तरह ढ़ेर से रोजगा , व इंफ्रास्ट्रक्चरल विकास हो सकेगा . लोगो को सुरक्षित व त्वरित यातायात सुलभ होसकेगा .
आशा हे मेरा सुझाव उपयोगी होगा .
विवेक रंजन श्रीवास्तव
०९४२५८०६२५२